तो मैं कोई शायर नहीं लेकिन एक बार प्यार हो जाने के बाद लगता है कि किसी शायर के कुछ लक्षण आ गए हैं तो आइए समझते हैं मेरे दिल की बात को 2 पंक्तियों में।
सब कुछ मिला है हमको ,
फिर भी सबर नहीं है......
बरसों की सोचते है ,
पल की ख़बर नहीं है.......
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पुछा किसी ने की याद आती है उसकी..।।
में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ..।
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सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से , सब को
महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है
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दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह
फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
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सपना है आखो में,,, मगर नींद कहीं और है।
दिल❤ तो हैं जिस्म में,,, मगर धड़कन💕 कहीं और है।।
कैसे बयान करें अपना हाल - ए - दिल❤
जी तो रहें हैं,,, मगर जिंदगी कहीं और है।
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नफरत खुलकर और मुहब्बत छिपकर करते हैं !
हम अपनी ही बनाई दुनियां से कितना डरते है।
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यूँ तेरा मुस्कुरा कर मुझे देखना.
मानो जैसे सब कुछ कुबूल है तुझे.
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"अपनी मोहब्बत कि खुशबु से नुर कर दे,
जुदा न हो सकु इतना मगरुर कर दे,
मेरे दिल मे बस जाए वफ़ा तेरी,
किसी और को ना देखु मुझे इतना मजबुर कर दे।"
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इतने से हो तुम.... ऐ दिल...!!
इतनी आफ़त क्युं मचा रखी है...
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तेरी याद बहुत अब आने लगी,, इक जान है
अब वो जाने लगी!!
तन्हा तन्हा हम रहने लगे,, तन्हाई बड़ा तड़पाने लगी!!
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तेरी सिर्फ एक झलक ने खरीद लिया हमें..
बहुत गुमान था हमें कि हम बिकने वालों में से नहीं हैं
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मेरा यूँ टुटना और टूटकर बिखर जाना कोई इत्फाक नहीं
किसी ने बहुत कोशिश की है मुझे इस हाल तक पहुँचाने में."
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ज़रूरी काम है लेकिन ..,,
रोज़ाना भूल जाता हूँ
मुझे तुम से मोहब्बत है ..,,
बताना भूल जाता हूँ
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